धर्म में व्यक्तिगत इच्छा का कोई स्थान नही

धर्म में व्यक्तिगत इच्छा का कोई स्थान नही

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मदीना मुनव्वरा में मोहम्मद सल्ललाहु अलैही व सल्लम का जो गरम जोशी से स्वगत किया गया, इसके कारणों में से एक कारण हमारे मत यह है कि मदीना मुनव्वरा के ज्ञानीवानों के लिए इसलाम में प्रवेश होना अपने समाज कि अराजकता का उपचार था। क्यों कि, इन ज्ञानी लोगों ने ये देखा कि इसलाम ने एक मज़बूत संगठन, और मनुष्य के बोलगाम इच्छाओं को ऐसे दृढ़ शासनों के आगे नत मस्तक करदिया, जो कि एसे प्रमुख शक्तित वाली शरियत के ओर से लागु किये गये है जो व्यक्तिक इच्छाओं पर अतिक्रमण है।





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