हेन्री डीकॉस्ट्री

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  • चमत्कारी खुरआन
  • खुरआन ए करीम सोंच विचार पर प्रभावित होता है, और दिलों की गहरायियों पर असर करता है। और अवश्य रुप से खुरआन मुहम्मद की ईमानदारी का सबूत के रुप में उतरा है।


  • धर्म एक है
  • सारे नबीयों का धर्म एक था, वे सब आदम से लेकर मुहम्मद (स) तक एक ही सिद्धांत को मानने वाले थे। तीन आकाशीय पवित्र पुस्तकें आई, वे ज़बूर, तौरात और ख़ुरआन है, तौरात के सामने ख़ुरआन का दर्जा बिल्कुल ज़बूर के सामने तौरात के जैसा है। मुहम्मद (स) का दर्जा ईसा के सामने बिल्कुल मूसा के सामने ईसा के दर्जे के समान है। लेकिन जिस विषय का जानना अधिक अवश्य है वह यह है कि ख़ुरआन आकाशीय अंतिम किताब है, जो लोगों के निर्देश के लिए आयी है। इस किताब को लाने वाले रसूलों के अंत में आनेवाले है, परंतु ख़ुरआन के बाद कोई किताब नही और मुहम्मद(स) के बाद कोई नबी नही है।


  • अनपढ रसूल
  • निस्संदेह बुद्धी इस विषय से परेशान रहजाती है कि एक अनपढ व्यक्ति से कैसे ख़ुरआन की यह आयतें (वाक्य) निकालना संभव है। पश्चिम के सारे लोगों ने यह माना है कि यह सारे वाक्य ऐसे हैं, जिन के शब्द और अर्थ के समान मानवीय बुद्धी लाने से असहाय है।











Ibrahim al-Dosari